47 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिर 18 महीने के बच्चे नदीम को हिसार में 60 फीट गहरे और 2 फीट चौड़े बोरवेल के गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया।

47 घंटे गड्ढे में बिताने के बाद भी नदीम सही सलामत बाहर आ गया ।बच्चे का रेस्क्यू करने के बाद उसे तुरंत हिसार के एडवांस्ड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल ले जाया गया।

इस बच्चे का रेस्क्यू नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स यानी एनडीआरएफ की टीम ने किया जो लगातार पिछले 2 दिनों से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयासरत थी।

18 महीने का नदीम बुधवार को खेलते वक्त बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। नदीम के मां-बाप जब बच्चे को गड्ढे से निकालने में नाकाम रहे तो उन्होंने गांव वालों को सूचित किया और सब लोग गड्ढे के आसपास जमा हो गए और फिर पुलिस को बुलाया गया।

बचाव दल ने गड्ढे से 20 फीट दूर एक दूसरा गड्ढा खोदा और वहां से एक सुरंग खोद कर धीरे-धीरे करके बोरवेल के तले तक जा पहुंचे।

इस कार्य के लिए जेसीबी और ड्रिलिंग मशीन काम में लगाई गई ।

नदीम का रेस्क्यू किसी आश्चर्य से कम नहीं क्योंकि उसकी उम्र महज 18 महीने थी ।अपनी मां के बिना एक गहरे गड्ढे में 47 घंटे बिताना मासूम के लिए बेहद तकलीफ भरा था।

बचाव दल ने बच्चे की हरकतों पर नजर रखने के लिए एक नाइट विजन कैमरा गड्ढे तक पहुंचाया।

गढे के ऊपर से उसे खाना पहुंचाया जाता रहा। इसके अलावा गड्ढे में एक पाइप के जरिए ऑक्सीजन भी पहुंचाई गई ।

पहले बच्चों को बचाने के लिए एक जाल भी फेंका गया लेकिन योजना नाकाम रही क्योंकि बच्चा बीच में फंस गया ।बच्चे का पिता एक मजदूर है और बोरवेल के आसपास एक झोपड़ी में रह रहा था।

हरियाणा का बोर वेल के गड्ढों में फंसे बच्चों से पुराना नाता है ।साल 2006 में 5 साल का प्रिंस तब सुर्खियों में आया था जब वह कुरुक्षेत्र के करीब एक गांव में 48 घंटों तक बोरवेल में फंसा रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here