एक तरफ जहां 2007 समझौता ट्रेन ब्लास्ट मामले के फैसले का इंतजार किया जा रहा है वहीं पाकिस्तान की तरफ से अचानक रोहिल्ला वकील नामक महिला ने सेक्शन 311 के तहत एक प्रार्थना पत्र भेजकर मामले को नया मोड़ दे दिया है।

वहीं समझौता ट्रेन ब्लास्ट मामले में एक पीड़ित का वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित मोहम्मद अनिल सामी के मुताबिक वह कराची का रहने वाला है और साल 2007 में हादसे का शिकार हुई ट्रेन में अपने पिता और भाई के साथ सफर कर रहा था ।उसके पिता सफीक अहमद और छोटे भाई मोहम्मद हारिस की इस दुर्घटना में मौत हो गई थी।

मोहम्मद शमी ने दावा किया है कि उसने ब्लास्ट करने वाले को देखा है और वह उसके खिलाफ गवाही देना चाहता है।

उधर इस मामले में आरोपी स्वामी असीमानंद को इस नए मोड़ से झटका लगा है ।

स्वामी असीमानंद और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि सबूतों के अभाव में वह बरी हो जाएंगे।

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