हमें निजता का अधिकार यानी राइट टू प्राइवेसी संविधान के आर्टिकल 21 के तहत दिया गया है | इस अधिकार के तहत देश के हर नागरिक को जीवन जीने की आजादी और व्यक्तिगत आजादी के संरक्षण की व्याख्या की गई है|  इस आर्टिकल में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त उसके जीवन और शरीर की स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता |

साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here