भारतीय कश्मीर को लेकर तरह-तरह की झूठी अफवाहें फैलाने वाले उग्रवादी देश पाकिस्तान के अपने बंकरो में क्या होता है इसका सच पहली बार सामने खुलकर आया है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक गोलीबारी के दौरान भारतीय सीमा के साथ सटे पाकिस्तान के गांवों में बने बंकरो में रात गुजारने वाली महिलाओं के साथ न केवल छेड़छाड़ होती है बल्कि कई बार बलात्कार जैसी शर्मनाक घटनाएं भी होती हैं।

लेकिन जब से लड़कियों और महिलाओं के साथ इस तरह के शर्मनाक हादसे पेश आ रहे हैं तब से उनके माता-पिता उनको घरों में ही छोड़कर खुद बंद करो में चले जाते हैं। यानी घरों में बम बरसने का खतरा है तो बंकरो में इज्जत लुटने का।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में बंकरो की कमी है इसलिए गांव में ज्यादातर बंकर लोगों ने खुद बनाए हैं। अक्सर जवाबी कार्रवाई में भारत की तरफ से मोर्टार दागे जाने के बाद लोग इन बंकरों में छिप जाते हैं।

लेकिन बकरों की कमी के चलते पाकिस्तानी मर्द अंधेरे का फायदा उठाते हुए न केवल औरतों और लड़कियों से छेड़खानी करते हैं बल्कि कई बार उनकी असमत भी लूट चुके हैं। लड़कियां और महिलाऐं अब इन बंकरों में जाने से डरती हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाले नीलम घाटी के एक गांव में रहने वाली एक 25 वर्षीय महिला मेहनाज ने बताया की हाल ही जब भारत की तरफ से गोलीबारी हुई तो वह अपने परिवार के साथ पड़ोसी द्वारा बनाए गए बंकर में रात गुजारने चली गई। लेकिन रात भर बंकर का मालिक उसके साथ छेड़खानी करता रहा।

मेहनाज ने जब सारी बात अपनी अम्मी को बताई तो परिवार ने पड़ोसी के खिलाफ शिकायत न करने का फैसला किया क्योंकि अगर शिकायत करते तो भविष्य में वह उनको अपने बंकर में राहने की जगह न देता।

पाकिस्तान के बंकरों में महिलाओं का शारीरिक शोषण आम

नीलम घाटी के गाँवों की दर्जन से ज्यादा औरतें बंकरो में होने वाली छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण की घटनाएं बयान कर चुकी है।

मेहनाज जैसी सैकड़ों ऐसी औरतें हैं जो ना चाहते हुए भी शोषण का शिकार हो रही है। पाकिस्तान पहले ही महिलाओं के मानवाधिकारों के हनन के लिए बदनाम है।

अक्सर बलात्कार या छेड़छाड़ के मामले उजागर होने के बाद या तो परिवार इज्जत गंवाने के डर से या तो पीड़ित की ही जान ले लेते हैं,चुप रहते हैं या फिर अपनी बेटी की शादी बलात्कारी के साथ करवा देते हैं।

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