अक्सर देखने में आता है कि कोरियर कंपनियां जो कहती हैं वह करटी नहीं । कई बार जिस तारीख और समय पर कोरियर पहुंचाने के बात की जाती है उस पर कंसाइनमेंट पहुंचाना तो दूर कई कई दिनों तक पैकेट कोरियर कंपनी के दफ्तर में ही पड़े रहते हैं।

कोरियर एक सेवा है और सेवा में कोताही बरतने पर आप कोरियर कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता अदालत का दर्जा दरवाजा खटखटा कर हर्जाने की मांग कर सकते हैं।

चंडीगढ़ की जिला उपभोक्ता अदालत ने ऑन डॉट कोरियर कंपनी को कई दिनों तक कोरियर डिलीवर न करने की शिकायत मिलने पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना ठोका है ।

अदालत में दी गई शिकायत के मुताबिक वरुण महाजन नामक उपभोक्ता ने चंडीगढ़ के सेक्टर 9 डी स्थित अशोका डाक्यूमेंट्स सर्विस के जरिए उत्तर प्रदेश के नोएडा के लिए एक कोरियर बुक किया था जो 20 जून 2019 को डिलीवर होना था। लेकिन कोरियर 25 जून 2019 तक भी नोएडा ऑन डॉट एजेंट के यहां पड़ा रहा।

कोरियर द्वारा भेजे गए महत्वपूर्ण दस्तावेज जब डिलीवर नही हुए तो वरुण महाजन चिंतित हो गए । उन्होंने बार-बार कंपनी में टेलीफोन किया लेकिन उनका पैकेट डिलीवर नहीं किया गया।

हार कर वरुण महाजन को खुद नोएडा जाकर  अपना पैकेट  रिसीव करना पड़ा  । उसके बाद उन्होंने ऑन डॉट कोरियर सर्विस को सबक सिखाने की  गरज से उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया ।

उन्होंने उन्होंने ऑन डॉट कोरियर कंपनी को  27 जून 2019 एक कानूनी नोटिस भी भेजा लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। कंपनी नेे उस नोटिस का जवाब तक देना मुनासिब नहीं समझा ।

उपभोक्ता अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेजों के आधार पर ऑन डॉट कोरियर पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया और साथ ही कोरियर भेजने के लिए वसूल किए गए ₹50 भी वापस करने को कहा ।

उपभोक्ता अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ऑन डॉट कंपनी ने अपने ग्राहक का कोरियर सही समय पर न पहुंचाकर सेवा में कोताही बरती है जिससे उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा उठानी पड़ी ।इस लापरवाही को अदालत ने अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस की श्रेणी में भी रखा और उपभोक्ता को न्याय दिलवाया।

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