केंद्र सरकार ने अलगाववादी नेता यासीन मालिक के संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट पर पाबंदी लगा दी है।

भारत सरकार के गृह सचिव ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी दी कि यासीन मलिक और उसका संगठन JKLF कश्मीरी पंडितों का हत्यारा है।

गृह सचिव के मुताबिक जेकेएलएफ कश्मीर में न केवल अलगाववादी गतिविधियों बल्कि आतंकवाद को बढ़ावा देने, पत्थरबाजों को पैसा मुहैया करवाने और हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है।

जेकेएल के विरुद्ध कई गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमे भारतीय वायु सेना के चार अधिकारियों की हत्या का मामला, रूबैय्या सैय्यद- जो श्री बीपी सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में गृह मंत्री और मुफ्ती मोहम्मद सईद की पुत्री का अपहरण सम्मिलित है।

साथ ही यह संगठन आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अवैध तरीके से धन मुहैया करवाने लिए भी दोषी है ।

“यासीन मलिक चंदा एकत्र कर जम्मू कश्मीर में अशांति पैदा कर रहा है । पत्थरबाजों को भी पैसा देता आया है ।विध्वंस कारी गतिविधियों को बढ़ावा देता है । JKLF की गतिविधियां भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है यह संगठन हिंसा और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है इसके लिए इसपर प्रतिबंध लगाया गया है” गृहसचिव ने कहा।

गृह सचिव के मुताबिक जेकेएलएफ के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने 37 एफ आई आर दर्ज की है।

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