जैसे-जैसे ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल्स के बीच में  प्रतिस्पर्धा यानी competition बढ़ रहा है उसी तरह ग्राहकों को आकर्षित करने के  नए-नए तरीके भी इजाद किए जा रहे हैं ।

स्नैपडील (Snapdeal) भी  एक  लोकप्रिय  शॉपिंग पोर्टल है जो अक्सर अपने विज्ञापनों में  छूट का लालच देकर लोगों को मूर्ख बनाता है ।

झूठ पर झूठ और फिर  लूट

हम यहां पर स्नैपडील के एक विज्ञापन के दो स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं जिसमें स्पाइरल स्टिकी नोट का एक उत्पाद है। इस स्टिकी नोट का इस्तेमाल फाइलों में किया जाता है। दिसंबर 2019 में जब हमने  स्नैपडील  के विज्ञापन  जांचने का काम किया  तो उस वक्त इस product के दो अलग-अलग  विज्ञापन इंटरनेट पर चल रहे थे । एक में इस उत्पाद की कीमत ₹140 तो दूसरे में ₹149 दर्शाई गई और साथ में लिखा था कि यह कीमत सभी करो को मिलाकर है ।

विज्ञापन में यह कहीं भी नहीं लिखा था कि इस उत्पाद को पर भेजने का अलग से शुल्क लिया जाएगा या इसमें  दूसरे छिपे हुए टैक्स भी शामिल होंगे।

इस प्रोडक्ट का विज्ञापन कुछ इस तरह से चलाया जा रहा था यह ग्राहक को महसूस हो उसे सचमुच 25 फ़ीसदी की छूट दी जा रही है। एक वेबसाइट में कीमत ₹199 से घटाकर सभी करों सहित 149₹ लिखी गई थी ।साथ ही लिखा था जल्दी कीजिए और 25 फ़ीसदी की छूट हासिल कीजिए।

विज्ञापन को क्लिक करने के बाद कीमत छूट से दुगनी हो गई।

 हमें हैरानी तब हुई जब हमने इन विज्ञापनों पर क्लिक किया।  कीमत 140 या ₹149 के बजाय ₹208 हो गई। यानी 25 फीसदी की जिस छूट का दावा किया जा रहा था वह सिर्फ मूर्ख बनाने के लिए थी। साथ में लिखा था डिलीवरी और टैक्स।

भरमाने वाले गैरकानूनी विज्ञापन

ठीक है आपको डिलीवरी का पैसा देना है तो आप विज्ञापन में लिख लीजिए ना की डिलीवरी के ₹50 अलग से होंगे और अगर डिलीवरी के ₹50 हैं तो भी कीमत ₹200 से नीचे होने चाहिए।

कुल मिलाकर विज्ञापनों मे किसी वस्तु की कीमत कम दर्शाना ग्राहक को ठगने का काम है जो गैरकानूनी है।

डिस्काउंट कूपन के नाम पर भी होती है धोखाधड़ी:

जैसे ही ग्राहक को मालूम होता है कि उत्पाद की कीमत ज्यादा है और वह वेबसाइट छोड़ने लगता है  तो उसे  रोकने के लिए एक कूपन ऑफर किया जाता है ।

हमें भी WOW200 नाम का एक कूपन ऑफर किया गया जिस पर ₹40 की छूट की बात की गई लेकिन छूट मिली ₹13 की। फिर इस उत्पाद की कीमत 195₹ हो गई।

जागो ग्राहक जागो ,दुकान से भी खरीद कर देखो

ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल से खरीदारी करते समय एक तो उत्पाद असली है या नहीं इसका पता लगाना जरूरी है ।अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल नकली माल बेचकर लूट रहे हैं ।दूसरे छूट की लूट के फार्मूले को भी समझना लाज़मी है।

ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल की लोकप्रियता को  देखकर ऑफलाइन यानी आपके गली -मोहल्ले के दुकानदार भी छूट दे रहे हैं ।

जिस छूट का दावा ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल करते हैं उसे वह कोरियर यानी भेजने के नाम पर वसूल कर लेते हैं ।

लेकिन जब आपको वही उत्पाद ऑफलाइन बाजार में छूट के साथ मिले तो आप कोरियर का खर्चा बचा कर अपना पैसा बचा सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here