डायबिटीज यानी मधुमेह से पीड़ित लोगों के खाने पर कई तरह की पाबंदियां हैं ।शरीर में शर्करा यानी शुगर की मात्रा कम रहे इसलिए ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है जिसमें या तो कुदरती मिठास कम हो या फिर ऐसे गुण हैं जिससे हमारे शरीर में शुगर की मात्रा संतुलित रहें।

हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह आप बरॉकली खाकर न केवल अपने शरीर में शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं बल्कि एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन  (A  और C)  के अलावा कई पोषक तत्व भी हासिल कर सकते हैं।

आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि रोजाना एक कप बरॉकली खाने से हमें क्या क्या मिलता है ।अमेरिका की यूएसडीए नेशनल न्यूट्रिशन डेटाबेस के अध्ययन के मुताबिक एक कप बरॉकली यानी लगभग 91 ग्राम बरॉकली में हमें 31 कैलोरी ऊर्जा ,6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट (जिसमें 2 ग्राम शुगर और 2 ग्राम फाइबर ) के अलावा 3 ग्राम प्रोटीन भी मिलता है।

दूसरे अर्थों में 100 ग्राम बरॉकली में हमें हमारे शरीर की दैनिक जरूरत की विटामिन सी ,विटामिन A  ,फोलेट और पोटैशियम की जरूरत पूरी हो जाती हैं। बरॉकली में फैट यानी वसा नहीं होती और इस सब्जी को विश्व के 20 सबसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों में शामिल किया गया है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन के सितंबर 2013 अंक में प्रकाशित रिव्यू ऑफ क्लीनिकल स्टडीज से सामने आया है कि क्रुसिफेरोस वेजिटेबल्स  (जैसे बरॉकली, बन्दजीभी और पत्तागोभी) को अपनी डाइट में शामिल करके हम कैंसर के खतरे को भी टाल सकते हैं  ।

अध्ययन से सामने आया है कि बरॉकली में फोलेट नाम का विटामिन भी मौजूद होता है जो महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करता है ।सॉलिड फोलेट कोलन, पेट, पेनक्रिएटिक और सर्वाइकल कैंसर रोकने में भी मददगार है।

हड्डियों की मजबूती के लिए भी अच्छी है बरॉकली

विटामिन -के की कमी के चलते हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और हमें बोन फ्रैक्चर यानी  हड्डियां चटकने  का खतरा बना रहता है। एक कप कटी हुई बरॉकली से हमें हमारी रोजमर्रा की विटामिन- के की खुराक मिल जाती है।  एक कप बरॉकली में 43 मिलीग्राम कैल्शियम भी मौजूद रहता है जो हमारी हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है।

आकर्षक त्वचा और जवान दिखने के लिए खाएं बरॉकली

त्वचा की खूबसूरती बनाये रखने और हर रोज धूप और प्रदूषण से त्वचा को होने वाली हानियां और झुर्रियां रोकने के लिए हमें एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी खाने की जरूरत पड़ती है ।

ज्यादातर लोग समझते हैं कि आवला या फिर नींबू रस विटामिन सी के सबसे बेहतर स्त्रोत हैं जबकि सच्चाई यह है कि बरॉकली के एक कप में हमें 81 मिलीग्राम तक विटामिन सी मिल जाता है जो हमारी प्रतिदिन की विटामिन सी की जरूरत से कहीं ज्यादा है।

विटामिन -सी खाने से कोलेजन निर्माण में मदद मिलती है जो हमारी त्वचा को मजबूत बनाता है।

इसके अलावा बरॉकली में विटामिन- ए और विटामिन -ई भी मौजूद है जो हमारी त्वचा की खूबसूरती और मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

बरॉकली में मौजूद रेशी से पाचन की मजबूती और हानिकारक पदार्थों की कुदरती सफाई 

बरॉकली में फाइबर यानी रेशा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो हमारी पाचन क्रिया और नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन यानी  शरीर की कुदरती सफाई के लिए बेहद जरूरी है ।

भोजन में फाइबर युक्त चीजें खाने से हमें कब्ज से राहत मिलती हैं और हमारा पाचन तंत्र मजबूत होता हैं ।

फाइबर युक्त भोजन खाने से हमारे शरीर में मौजूद हानिकारक तत्व जिनको टॉक्सिन कहा जाता है शरीर से बाहर निकल आते हैं ।एक अध्ययन से सामने आया है कि डाइटरी फाइबर खाने से हमारा इम्यून सिस्टम यानी बीमारियों से रक्षा करने वाला तंत्र मजबूत होता है।

इन बीमारियों को रोकने में मदद करती है बरॉकली

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटकी के इंटरनल मेडिसिन एंड न्यूट्रीशनल साइंस विभाग द्वारा किए गए एक अध्ययन से सामने आया है कि बरॉकली जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों से दिल की बीमारियों जैसे स्ट्रोक , रक्तचाप ,मधुमेह ,मोटापा और पेट से जुड़ी हुई कई बीमारियों से राहत मिलती है।

अध्ययन से सामने आया है कि रेशा युक्त भोजन करने से हमारे रक्तचाप का दबाव कम होता है और कोलेस्ट्रोल भी नियंत्रण में रहता है। हमारे शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है और हमें अपने शरीर का भार कम करने में मदद मिलती है।

डायबिटीज नियंत्रण में इस तरह मददगार है बरॉकली का सेवन

मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित रोगियों को प्रोटीन और  फाइबर युक्त और कम फेट वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है।

इस अध्ययन से सामने आया था कि बरॉकली मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए एक अच्छा आहार है। जिसके भीतर एंटीऑक्सीडेंट्स के अलावा विटामिन ए और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं बरॉकली फाइबर यानी रेशे का भी एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है। आप ब्रोकली खाकर अपना भार भी कम कर सकते हैं और टाइप एक और टाइप टू डायबिटीज भी नियंत्रण में रख सकते हैं

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