मच्छर भगाने वाली क्वाइल से इतना प्रदूषण फैलता है कि आज के बाद आप इसे जलाने से पहले कई बार सोचेंगे

अनुसंधान से पता चलता है कि मच्छर भगाने वाली एक क्वायल 100 सिगरेट के बराबर प्रदूषण फैलाती है

पुणे स्थित चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के मुताबिक मच्छर भगाने वाली कॉल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है इससे फेफड़े का कैंसर हो सकता है।

जिन घरों में क्रॉस वेंटीलेशन यानी हवा के आरपार होने की व्यवस्था नहीं है उन घरों में कोयल जलाना और भी खतरनाक है।

साल 2016 में किए गए एक अध्ययन से पता चला था कि दिल्ली गुड़गांव ,नोएडा, गाजियाबाद जैसे कई शहरों में घर बेहद प्रदूषित हैं और उनमें रहने वाले लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित हैं। इसका बड़ा कारण मच्छर भगाने वाली कॉइल है क्योंकि तंग गलियों में मच्छरों की समस्या आम है।

कई दूसरे देशों में भी क्वाइल जलाने से पैदा होने वाले धुए को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं । एक अनुमान के मुताबिक ताइवान  में मच्छर जलाने वाली क्वाइल फेफड़े के कैंसर के आधे मरीज पैदा कर रही है।

सबसे ज्यादा खतरनाक चीन में बने क्वाइल हैं जो देश में निर्मित क्वाइल्स से कहीं ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं।

अगर आप प्रदूषण से बचना चाहते हैं तो खासकर सोने वाले कमरे में क्वाइल ना जलाएं ।अब बाजार में मच्छर भगाने के कई सुरक्षित तरीके भी मौजूद हैं जैसे रोल आन या फिर बिजली से चलने वाले यंत्र।

मोमबत्ती और रूम फ्रेशनर भी खतरनाक

देश के युवाओं में धीरे धीरे डिओडरेंट या फिर सेंट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सेंट का इस्तेमाल करने में महिलाएं भी पीछे नहीं।

घर में क्वाइल के अलावा मोमबत्ती ,रूम फ्रेशनर ,कलर स्प्रे, अगरबत्ती, धूप या फिर डिओडरेंट्स आदि का इस्तेमाल भी धड़ल्ले से हो रहा है जो सेहत के लिहाज से खतरनाक है ।इन चीजों में इस्तेमाल किए गए रसायन आपको फेफड़े की बीमारियों से ग्रसित कर सकते हैं।

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