साल 1999 में हुए इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 884 का हाईजैक एक बार फिर से सुर्खियों में है।

आरोप है कि इस 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की जिस फ्लाइट को हरकत उल मुजाहिदीन आतंकी मौलाना मसूद अजहर और उसके दोनों साथियों ने हाईजैक किया था उनको जेल से छुड़ाने में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए ) के मौजूदा प्रमुख अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

उस वक्त केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और उस वक्त इंटेलिजेंस ब्यूरो स्पेशल डायरेक्टर( स्पेशल ऑपरेशंस ) अजीत डोवल को अपहृत यात्रियों को छुड़वाने के लिए कंधार भेजा गया था ।उनके साथ विदेश मंत्रालय के  संयुक्त सचिव विवेक काटजू  और  खुफिया विभाग के  अधिकारी सीडी सहाय  और आनंद भी शामिल थे।

दरअसल ये मामला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट करके उजागर किया है।

अजीत डोवल की तस्वीर के साथ ट्वीट करके राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है  कि  वह पुलवामा हमले में मारे गए 40 सीआरपीएफ जवानों के परिवार वालों को यह भी बताएं की 40 सैनिकों की शहादत के लिए जिम्मेवार मसूद अजहर को किसने रिहा किया था।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वह  शहीदों के परिवार वालों को यह भी बताएं कि वर्तमान समय में एनएसए प्रमुख अजीत डोवल ने न केवल सौदा करवाया था बल्कि वह  आतंकी मौलाना मसूद अजहर को छोड़ने के लिए बाकायदा कंधार भी गए थे।

गौरतलब है कि न केवल भारतीय जनता पार्टी ने बल्कि कांग्रेस सरकार ने भी साल 2010 में शाहीद लतीफ नाम के आतंकवादी को जेल से रिहा करके पाकिस्तान को सौंप दिया था।  जैश -ए- मोहम्मद के आतंकी लतीफ ने साल 2016 में हुए पठानकोट आतंकी हमले में शामिल चार पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह दे थी।

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