क्या आपने कभी सोचा है कि सांप,नेवला की लड़ाई में सांप द्वारा काटे जाने के बावजूद भी नेवला जिंदा कैसे बचा रहता है ? क्या नेवले को सांप का जहर नहीं चढ़ता।

अगर नेवले पर सांप का जहर असर नहीं करता तो क्या नेवले खुद जहरीले होते हैं ?

जवाब है नहीं । नेवले खुद जहरीले नहीं होते। लेकिन काफी हद तक सांप के ज़हर का उन पर कोई असर नहीं होता।

हालांकि ऐसा नहीं है कि नेवले हमेशा के जहर से बच जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक सांप और नेवले के बीच में होने वाली खूनी लड़ाई में 20 फ़ीसदी नेवले भी मारे जाते हैं ।

लेकिन इस लड़ाई को अक्सर नेवले ही जीतते आए हैं।

अब सवाल उठता है कि नेवले खुद को नुकसान पहुंचाए बिना जहरीले सांपों को अपना निवाला कैसे बनाते हैं।

सांप ,नेवला की लड़ाई के दौरान अक्सर काटे जाने के बावजूद भी नेवले के खून में जहर प्रवेश नहीं कर पाता।

यह भी जरुरी नहीं की काटे जाने पर सांप हमेशा ही जहर छोड़ पाए।

वैज्ञानिकों के मुताबिक सांपों का जहर नेवलों के खून में नहीं जा पाता इसलिए वह आसानी से सांप को चट कर जाते हैं।

वैसे अगर जहर हमारे खून में ना मिले तो इंसान भी सांप को आसानी से खा सकते हैं या सांप के जहर से बच सकते हैं।

नेवले सांपों के लिए एक बेहद खतरनाक जानवर है ।

माना जाता है कि नेवले अपने साथ कई खतरनाक बीमारियां भी  लेकर चलते हैं। ये जानवर रेबीज और लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमारियोँ के वाहक हैं।

इसलिए जरूरी है कि आप न तो कभी खुद नेवलों के करीब जाएं और न ही अपने किसी पालतू जानवर को उनके करीब जाने दे।

खुद भी परभक्षियों का निवाला बनता है नेवला

सांपों का दुश्मन नेवला खुद भी कई बार सांप के जहर से मर जाता है। वह कई बार दूसरे ताकतवर परभक्षियों का निवाला भी बनता है।

नेवलों की जान के दुश्मनों में सांप, बाज ,मराबू स्टोर्कस नामाक पक्षी,चीते, गीदड़ आदि शामिल है ।

कोबरा और मम्बा सांप नेवले को अपने ज़हर से मार तो सकते हैं लेकिन उसे खा नहीं सकते। हां पाइथन सरीखे बड़े सांप नेवले को खाते देखे गए हैं।

कैसे आसानी से कोबरा जैसे जहरीले साँपों का शिकार कर लेता है नेवला

तो फिर नेवलों और सांपों की लड़ाई में आखिर जीत किसकी होती है ।

ऐसा माना जाता है कि 80 फ़ीसदी लड़ाईयों में हमेशा नेवला ही बाज़ी मरता है ।और सांप उनका निवाला बनते हैं।

नेवले अक्सर दो गलतियों से अपनी जान गवाते हैं । एक सांप को एक से ज्यादा बार काटने का मौका देकर और दूसरे जब शिकारी खुद अनाड़ी हो।

नेवला दरअसल एक बहुत ही चतुर जानवर है। वह सांप का शिकार करने के लिए एक जबरदस्त रणनीति अपनाता है।

वह सांप की पूंछ काट कर उसे भड़काता है। और तब तक उसे नचाता रहता है जब तक वह थक ना जाए। जैसे ही सांप का ध्यान भंग हुआ नेवला उसके सिर में काटता है ।

एक अनुभवी नेवला एक बार में ही सांप की खोपड़ी को तोड़ देता है।

इंसान पर हमला नहीं करता सांप का दुश्मन नेवला

समूचे विश्व में नेवलों की 34 विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं।

नेवला न इंसान का दोस्त है और न ही दुश्मन। वह सामान्य तौर पर इंसानों और दूसरे जानवरों पर हमला नहीं करता।

लेकिन अगर कोई उसकी मांद या उसके बच्चों के करीब चला जाये तो वह हमलावर हो जाता है। यूट्यूब पर इस छोटे से जानवर को शेर से पन्गा लेते भी देखा गया है।

सामान्य तौर पर जंगल में रहने वाले नेवले की उम्र 6 से 10 साल के बीच में होती है ।लेकिन अगर इन जानवरों को पिंजरे में रखा जाए तो इनकी उम्र 20 साल तक हो सकती है।

एक वयस्क नेवला 32 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है।

नेवले मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के होते हैं। सांप उनका मनपसंद भोजन है। लेकिन जब सांप का मांस ना मिले तो वह छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े खा कर ही गुजारा करते हैं ।

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