ये सच है कि इंसान उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोक नहीं सकता। लेकिन जो संभव है वह ये कि हम सही ज्ञान और सही साधनों से लैस होकर बची हुई उम्र को और बेहतर जी सकते हैं। हम शुरू कर रहे हैं लम्बी उम्र के राज सीरीज जो आपको बताएगी हमेशा जवान दिखने के उपाय।

इस वीडियो में हम आप को बता रहे हैं की मेटाबोलिज्म क्या होता है और हम कैसे इसे तेज़ करके तकलीफ रहित बेहतर जीवन जी सकते हैं।

हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने कोशिकाओं का गहन अध्ययन करके पता लगाया है कि कोशिकाओं की सेहत और इंसान की उम्र का आपस में गहरा रिश्ता है।

हमने आपको बताया था कि किस तरह  बढ़ती उम्र के साथ -साथ कई कारणों से हमारे गुणसूत्रों , कोशिकाओं , उत्तकों और डीएनए को नुक्सान पहुँचता है।

किस तरह हमें कई किस्म की बीमारियां आ घेरती हैं। शारीरिक विकार हमारे अंगों को कमज़ोर करते हैं । आखिर इंसान बिमारियों से हार कर इस दुनिया को अलविदा कह देता है। ।

अब जान लेते हैं कि आखिर उम्र कम करने वाली बिमारियों की शुरआत कैसे होती है। । कैसे हम अपनी सेहत के प्रति लापरवाही बरत कर कई बिमारियों को न्योता देते हैं ।

कोई भी बिमारी एक दिन में एकदम खतरनाक स्तर तक नहीं पहुँचती। इसे हफ़्तों , महीनों या फिर सालों भी लग सकते हैं। हर बिमारी की शुरआत एक छोटी सी समस्या से ही होती है।

उम्र क्यों ढलती है , जानिए कैसे बूढ़ा होता है इंसान

अगर कैंसर जैसी घातक बिमारी को छोड़ दें तो कई ऐसी बीमारियां हैं जिनका इलाज संभव है।  इन बिमारियों को Lifestyle Diseases यानि जीवनशैली से जुडी बीमारियां कहते हैं।

मोटापा ,उच्च रक्तचाप ,हृदय रोग ,मधुमेह यानि डायबिटीज आदि इन रोगों में शामिल है।

लम्बी उम्र के राज : उम्र घटाने वाली बिमारियों से बचिए

अत्यधिक ऊर्जा वाला और कम रेशे वाला भोजन जिसमें बहुत ज्यादा तेल, मीठा और नमक हो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे खाने को बिना पचाए चुपचाप पड़े रहने से पहले मोटापा और बाद में मेटाबोलिक संबंधी विकार पैदा होते हैं।

आइए सबसे पहले मेटाबोलिज्म यानि चयापचय क्या है इसे समझ लेते है।

इंसान के जीवित रहते उसके शरीर में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं को मेटाबोलिज्म कहते है। मेटाबोलिज्म यानि चयापचय के तीन मुख्य उद्देश्य हैं ।

एक- कोशिकाओं को चलाने के लिए भोजन का ऊर्जा में रूपांतरण, दूसरा- प्रोटीन, लिपिड, न्यूक्लिक एसिड और कुछ कार्बोहाइड्रेट के लिए जगह बनाना और तीसरा- मेटाबोलिक कचरे को बाहर फेंकना है।

मेटाबोलिक सिंड्रोम या चयापचय विकार किसे कहते हैं।

Metabolic Syndrome (मेटाबोलिक सिंड्रोम) शरीर की कई अवस्थाओं का एक समूह है जो हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह जैसी बिमारियों के खतरे को बढ़ाता है। शरीर के मेटाबोलिज्म स्तर का असंतुलन कई विकारों को जन्म देता है।

मेटाबोलिक सिंड्रोम में उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा, कमर के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होना और असामान्य कोलेस्ट्रॉल का स्तर जैसी गड़बड़ियां शामिल है।

मेटाबोलिक सिंड्रोम आरामपरस्त जीवनशैली का साइड इफ़ेक्ट है। जब हम खाने-पीने और सोने जैसे काम समय पर नहीं करते या व्यायाम नहीं करते तो कई विकार जन्म लेते है।

गतिहीन जीवनशैली से पनप रही बीमारियां पुरे विश्व की चिंता बढ़ा रही हैं जो जीवन के लिए बेहद खतरनाक हैं।

जयादातर जीवनशैली से जुडी बिमारियों की जड़ मोटापा ही है जो मधुमेह, डिस्लिपिडेमिया और उच्च रक्तचाप जैसी बिमारियों को जन्म देता है।

आपके मेटाबोलिज्म की सेहत में छिपे हैं लम्बी उम्र के राज

अनुसंधान से पता चलता है कि इंसान का मेटाबोलिज्म उम्र के साथ धीमा हो जाता है।

शारीरिक रुक से कम एक्टिव होना, मांसपेशियों का आकार कम होना और शरीर के अंदरूनी अंगों की उम्र बढ़ना सभी मेटाबोलिज्म को कम करते है।

सौभाग्य से विज्ञान ने मेटाबोलिज्म मज़बूत करने और जीवन की गति नियंत्रित रखने के कई तरीकों की खोज कर ली है।

इसमें वेट लिफ्टिंग, हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग, पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन खाना, भरपूर नींद लेना और ग्रीन-टी पीना शामिल है।

अपने मेटाबोलिज्म को तेज करने के लिए इस वीडियो में दी गई जानकारी और तरीकों को अपनाएं और फर्क देखें। आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे। । इन उपायों की विस्तृत जानकारी हम अपने अगले वीडियोस में देंगे।

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