दो दिन पाकिस्तान सेना की हिरासत में रहने के बाद भारत के जांबाज सिपाही विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने एक मार्च 2019 को वापिस मातृभूमि पर कदम रखा।

अभिनंदन को 27 फरवरी 2019 को उस वक्त हिरासत में लिया गया था जब उनका पैराशूट गलती से पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में उतर गया।

विंग कमांडर को सबसे पहले कुछ स्थानीय लोगों ने देखा और उसके बाद सेना को सूचित किया गया। कुछ लोगों ने बर्बरता पूर्ण तरीके से अभिनंदन को जख्मी भी किया। लेकिन वह घबराए नही और उन्होंने भारत माता की जय बोलकर पाकिस्तानियों का सामना किया।

अभिनंदन दो दिनों तक पाकिस्तान सेना की हिरासत में रहे इस बीच जिनेवा कन्वेंशन की शर्तों को सामने रख कर पाकिस्तान पर भारत की तरफ से अभिनंदन की रिहाई की मांग की गई।

पाकिस्तान पर अमेरिका ,फ्रांस और रूस जैसे कई देशों का दबाव भी था इसलिए विंग कमांडर अभिनंदन को आखिर भारत को लौटाना ही पड़ा ।

उधर अभिनंदन की रिहाई की खबर पहुंचते ही सैकड़ों लोग उनका स्वागत करने के लिए भारत पाक सीमा यानी अटारी बॉर्डर पर पहुंच गए । हालांकि कैप्टन अभिनंदन की रिहाई के मद्देनजर अटारी बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी को रद्द कर दिया गया लेकिन उससे लोगों के उत्साह में कोई फर्क नहीं पड़ा।

दूर-दूर से अटारी सीमा पर पहुंचे लोगों ने भारत मां के जयकारे लगाए और विंग कमांडर अभिनंदन की बहादुरी को सलाम किया।

यह पहली दफा नहीं है जब कोई भारतीय वायुसेना का पायलट पाकिस्तान के कब्जे में रहा हो ।इससे पहले कारगिल युद्ध के दौरान ग्रुप कैप्टन कमबमपति नचिकेता को भी युद्ध बंदी बना लिया गया था और वह 8 दिनों की हिरासत के बाद वापिस भारत लौटे थे।

1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान एयर मार्शल करिअप्पा को भी 22 सितंबर 1965 को युद्धबंदी बना लिया गया था ।उनको लगभग 5 महीने युद्ध बंदी के तौर पर पाकिस्तान की कैद में गुजरने पड़े।

मजे की बात यह है कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान 90 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को युद्ध बंदी बनाया गया था ।यानी भारत के आज तक सिर्फ तीन पायलट और पाकिस्तान के 90 हज़ार से अधिक सैनिकों को यूद्धबंदी बनाया गया था ।

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