किसी ने सच ही कहा है कि वासना में डूबे इंसान को कुछ भी नजर नहीं आता और मामला अगर अवैध संबंध का हो तो उसका नशा सिर पर चढ़कर बोलता है । कुछ ऐसा ही कर दिया वासना की आग में अंधी कमलेश रानी ने भी।

अमृतसर के मोहकमपुरा पुलिस थाने के अंतर्गत पड़ने वाले प्रीत नगर इलाके की रहने वाली कमलेश रानी को अपने किराएदार देव आनंद रॉय से इश्क हो गया था जो आइटीबीपी में नौकरी करता था और इस वक्त पटियाला में कार्यरत हैं।

देव और कमलेश वासना में कुछ इस कदर अंधे हो गए कि उनको कुछ भी नजर नहीं आया ।कमलेश और देव की पत्नी सुमन में इस अवैध रिश्ते को लेकर अक्सर लड़ाई झगड़ा रहने लगा। सुमन की सात साल की एक बेटी थी और वह उसके साथ कमलेश रानी के मकान में ही रहती थी। उसका पति देव नौकरी के सिलसिले में बाहर रहता था।

कमलेश को सुमन फूटी आंख नहीं सुहाती थी और फिर एक दिन उसने एक बहुत गलत फैसला कर लिया ।सुमन को रास्ते से हटाने का फैसला।

17 सितंबर 2019 की रात सुबह के 4 बजे कमलेश एक तेज़ धारदार हथियार लेकर सुमन के कमरे में घुस कर उस पर हमला बोल देती है ।

सुमन की बगल में सो रही सात साल की बेटी अचानक मां की चीख-पुकार सुनकर जाग जाती है और मदद के लिए पुकारती है। लेकिन इससे पहले कि कोई उसकी मदद के लिए आता कमलेश उसे भी खामोश कर देती है।

उसके बाद आरोपी कमलेश सुमन और उसकी बेटी की लाशें एक ऑटो रिक्शा में डालकर डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करके एक पानी के छप्पर में फेंक देती है ।

फिर बदहवास रेलवे स्टेशन पहुंचकर अपने पति राम तीरथ को फोन करके हिदायत देती है कि वह अपने तीनों बेटों को लेकर रेलवे स्टेशन आ जाए क्योंकि उसने सुमन और उसकी बेटी को मौत की नींद सुला दिया है।

कमलेश अपने पति राम तीरथ को सलाह देती है कि मामला ठंडा होने तक वह अमृतसर से गायब रहेंगे ।लेकिन राम तीरथ बीवी की बातों में न आ कर पुलिस को फोन लगाता है ।

पुलिस मौके पर पहुंचकर कमलेश को दबोच लेती है ।उसके बाद छप्पर से सुमन और उसकी बेटी की लाशें भी बरामद कर ली जाती हैं।

अब कमलेश रानी को बाकी की जिंदगी जेल में गुजारनी होगी और उसके प्रेमी देव को अपनी पत्नी सुमन और बेटी के बिना जीना होगा।

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