Synopsis in English :A divorced woman can challenge the pervious court decision even after husband’s death.Punjab and Haryana High Court has  made it clear that the ex-wife has the right to sue husbands dependents efter his death.

अगर आपके पास सॉलिड ग्राउंड है तो आप कोर्ट के किसी भी फैसले के खिलाफ याचिका दायर कर सकते हैं भले ही मामला 10 साल पहले हुए तलाक का ही हो।

पत्नी पूर्व पति के साथ डिवोर्स हो जाने के बाद भी उस फैसले को चुनौती दे सकती है यहां तक कि पूर्व पति की मौत के बाद भी।

भले ही कुदरत ने तलाकशुदा पति अब इस दुनिया में ना हो तो भी पूर्व पत्नी अपने हक के लिए दावा ठोक सकती है। पति की मौत के बाद उसके आश्रित या नजदीकी रिश्तेदार पार्टी बनाए जा सकते हैं।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने जम्मू की रहने वाली एक महिला की याचिका पर फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि पति की मौत के बाद भी एक्स पार्टी तलाक के आदेश को कानूनी वारिस के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है ।

पीड़िता ने कोर्ट को बताया था कि वह जम्मू की रहने वाली है और उसने अंबाला के एक व्यक्ति से मैरिज की थी । उनको पूर्व पति से तलाक लिए 10 साल हो गए और 1 साल पहले पति की मौत हो गई लेकिन फिर भी उन्होंने तलाक के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दे डाली।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता महिला ने पति से तलाक के 10 साल बाद और पति की मौत के एक साल बाद  घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया था । हालांकि कोर्ट ने उनकी याचिका को कानून का दुरुपयोग करार दिया है।

लेकिन अब यह साफ हो गया है कि तलाक के बाद भी पति या फिर कानूनी वारिसों के खिलाफ चुनौती दी जा सकती है।

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