नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT/एनसीईआरटी) 14 साल बाद भारतीय स्कूलों में पढ़ाई जा रही पाठ्य पुस्तकों का सिलेबस बदलने जा रहा है।

एनसीईआरटी के सूत्रों के मुताबिक परिषद जल्द ही एक कमेटी की घोषणा करेगी जो पाठ्य पुस्तकों में नई शिक्षा नीति के तहत परिवर्तन करेगी। इससे पहले साल 2005 मेंपाठ्यक्रम बदला गया था ।

नई शिक्षा नीति में कहा गया है कि एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों में केवल संबंधित विषयों का जरूरी मेटेरियल होना चाहिए जो अनुसंधान पर आधारित हो ,जिसमें तुलनात्मक अध्ययन हो और जिसे छात्र बिना किसी दबाव के पढ़ें और वह मनोरंजक हो।

गौरतलब है कि एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को बेकार बता कर कुछ निजी प्रकाशक हर साल पाठ्य पुस्तक में एक-आध चैप्टर बदलकर अभिभावकों को लूट रहे हैं।

हर साल किताबों के नाम पर करोड़ों रुपए का खेल होता है। लेकिन सरकार इस पर आंखें मूंदे हुए हैं। 14 साल से सिलेबस को ना बदलना इस बात को दर्शाता है कि सरकार  शिक्षा के लिए कितनी गंभीर है।

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