हज़ारों लोगों- यहां तक कि विरोधी पार्टी के लोगों को भी-नरेंद्र मोदी ने दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया लेकिन अपने परिवार के लोगों को भूल गए। उनके परिवार का एक भी सदस्य समारोह में नही पहुचा।

मोदी की माता हीराबेन,भाइयों ,बहन और पत्नी ने घर में टीवी पर ही शपथ ग्रहण समारोह को देखा। उनके परिवार को उनको ना बुलाये जाने पर बुरा नही लगा क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते भी अपने परिवार को करीब नही रखा।

ये है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिवार

प्रधानमंत्री मोदी का परिवार गुजरात में रहता है। उनके सबसे बड़े भाई सोमनाथ मोदी वडनगर में वृद्धाश्रम चलाते हैं। दूसरे बड़े भाई अमृत मोदी अहमदाबाद के घाटलोदिया में रहते हैं और एक निजी कंपनी में फिटर हैं। छोटे भाई प्रहलाद मोदी की गल्ले की दुकान है। बहन बसंती बेन का भी भरापूरा परिवार है।उनकी माता हीराबेन गांधीनगर में रहती हैं। उनकी पत्नी जशोदाबेन गुजरात के मेहसाणा ज़िला के उंझा में आने भाई के साथ रहती हैं।

माता हीराबेन से मिलते रहते हैं मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी माता हीराबेन से अकसर मिलते रहते हैं।उनको भाइयों के बेटे-बेटियों से भी बेहद लगाव है। बहन बसंती बेन हर रक्षा बंधन पर उनको राखी बांधती है। त्योहारों या किसी गुजरात दौरे के क्रम में ही मोदी अपने परिजनों से मिलते हैं।

प्रधानमंत्री के तौर पर पहले कार्यकाल में उनकी मां हीराबेन कुछ दिनों तक लोककल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास में रुकी थीं। खुद पीएम ने इस बात का खुलासा भी किया था और बताया था कि उनकी व्यस्तता के कारण मां का मन दिल्ली में नहीं लगा।

मोदी ने इसलिए नही बुलाया परिवार के सदस्यों को

प्रधानमंत्री अपने ओहदे को परिवारवाद से बचाना चाहते हैं और वह भाई-भतीजावाद के खिलाफ है। वह नही चाहते कि उनके परिवार का कोई सदस्य उनके घर आये और उन पर परिवारवाद फैलाने का आरोप लगे।

शायद उनका परिवार भी समझता है कि मोदी ऐसा क्यों करते हैं।

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