दोस्ती और शादी करवाने के नाम पर खूब लूट मचा रही हैं जेंसियां

अगर एक साथी की तलाश में हैं (dating) , फिर आपके जहन में शादी (matrimonial) के ख्वाब हैं और आप शादी (marriage) करके घर बसाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर ऐसी साइट्स की भरमार है जो आपको मनचाहा साथी या जीवन साथी तलाशने में मदद करने का दावा करती हैं।

इसके लिए यह एजेंसियां और वेबसाइट्स सदस्यों से सदस्यता के नाम पर अच्छी खासी रकम वसूलती है लेकिन जब बारी नतीजों की आती है तो इनके पास कोई जवाब नहीं होता।

चंडीगढ़ की लेडी डॉक्टर ने मैट्रिमोनियल एजेंसी को सिखाया सबक

ऐसा ही कुछ हुआ पंजाब के मोहाली में रहने वाली एक महिला के साथ जिसने वेडिंग विश प्राइवेट लिमिटेड की सदस्यता लेकर अपने लिए साल 2017 में एक दूल्हे की तलाश शुरू की ।कंपनी ने पेशे से डॉक्टर इस महिला को भरोसा दिया कि 9 महीनों के भीतर वह उनको कम से कम 18-20 दूल्हों की प्रोफाइल उपलब्ध करवाएगी।

डॉक्टर के माता-पिता ने एजेंसी को बताया था कि उनकी बेटी मांगलिक है ,वह डॉक्टर है और जाट समुदाय से ताल्लुक रखती है। इसलिए वह उसके लिए अपने ही समुदाय का मांगलिक और डॉक्टर दूल्हा चाहते हैं।

इस बीच एजेंसी ने इस परिवार को कुछ प्रोफाइल्स दिखाए लेकिन उनमें से एक भी प्रोफाइल इस परिवार की शर्तों को पूरा नहीं करता था। जब चंडीगढ़ और आसपास के शहरों से कोई मनपसंद दूल्हा नहीं मिला तो महिला डॉक्टर के परिवार ने एजेंसी से खोज का दायरा 60 किलोमीटर तक बढ़ाने की बात भी की ।बावजूद इसके कोई फायदा नहीं हुआ।

जब काफी समय बीत गया और एजेंसी एक भी दूल्हे से मुलाकात नहीं करवा पाई तो हार कर इस परिवार ने एजेंसी को एक कानूनी नोटिस भेजा और सेवा के नाम पर ली गई ₹50,000 की धनराशि सूद सहित वापिस करने को कहा ।लेकिन वेडिंग विश नामक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

उपभोक्ता अदालत ने दिलाया न्याय, एजेंसी ओर ठोका जुर्माना

हार कर इस परिवार ने कंजूमर फोरम की शरण ली और 22, अक्टूबर 2018 को चंडीगढ़ के एक उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवा दी

मामला जब उपभोक्ता अदालत में पहुंचा तो दो वेडिंग विश नामक मैट्रिमोनियल सेवाएं देने वाली कंपनी ने बताया कि उन्होंने वायदे के मुताबिक कई प्रोफाइल अपने ग्राहक को दिखाएं लेकिन उनमें से उनको कोई पसंद नहीं आया ।उसके बाद उन्होंने बिना कोई पैसे लिए भी कोई कई प्रोफाइल दिखाएं लेकिन फिर भी बात नहीं बनी।

उधर पीड़ित ने उपभोक्ता ने कोर्ट को बताया की मैट्रिमोनियल सेवाएं देने वाली इस एजेंसी ने उनको एक भी दूल्हे से मुलाकात नहीं करवाई और उनका समय जाया किया। उन्होंने कंपनी को इन सेवाओं के लिए ₹50000 दिए थे और जब कंपनी अपने वायदे पर खरी नहीं उतरी तो ग्राहक ने अपने पैसे सूद समेत वापस दिलाने की गुहार लगाई।

उपभोक्ता अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनकर आखिर द वेडिंग विश को दोषी पाया और उस पर सर्विस चार्ज के नाम पर लिए गए ₹50000 की धनराशि के अलावा ₹7000 का जुर्माना और ₹5000 बतौर खर्चे के देने को कहा ।द वेडिंग विश को अदालत का फैसला आने के बाद अब पूरी राशि पर 9% वार्षिक दर से ब्याज भी अदा करना होगा।

 

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